I am fasting to protest against rampant misuse of law, compromised judiciary and investigating agencies, partial media, rising unemployment, poverty and illiteracy. Economic growth will be meaningless without investment in education. health and women’s empowerment.
ध्यान दें, क्योंकि मुसीबत सिर पर खड़ी है- भारत के पास कुल 4.7 लाख करोड़ रुपए का रिज़र्व है, जिसमें से 2.2 लाख करोड़ रुपये अदाणी सेठ का क़र्ज़ है।
बाकी आप समझदार हैं। ✍️Soumitra Roy Sir
#ChainFastingForPeace
#FastingAgainstFascism
#ResignAmitShah
#FreeSanjivBhatt
#ResignModi
Aug 25: Day 2 of my fast, day 911 of our chain.
मोदी सरकार BSNL के 10 हजार टावरों को बेच रही है…. साफ़ दिख रहा है कि नालायक औलाद जैसे बाप दादा की संपत्ति को बेचकर अपनी ऐश का सामान का जुगाड करती हैं कुछ ऐसी ही स्थिति है, और तुर्रा यह कि इस नालायक औलाद के चेले चपाटे गाली भी बाप दादा को बकते है कि उन्होंने कुछ भी नही किया !
मुकेश अम्बानी के जियो को खड़ा करने में बीएसएनएल को मोदी सरकार ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया ……. जानबूझकर बीएसएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम का आंवटन नहीं किया गया ताकि रिलायंस जियो को फायदा पहुंचाया जा सके।
रिलायंस को सिर्फ डेटा सर्विस के लिए लाइसेंस दिया गया था, लेकिन बाद में 40 हजार करोड़ रुपये की फीस की बजाय 1,600 करोड़ रुपये में ही वॉयस सर्विस का लाइसेंस दे दिया गया,
बीएसएनएल का टॉवर पोर्टफोलियो देश में सबसे बेहतरीन था आज भी उसके 70 फीसदी टावर फाइबर युक्त हैं और 4जी और 5जी सर्विस मुहैया कराने के लिए तैयार हैं. लेकिन उसके बावजूद उसे 4जी स्पेक्ट्रम नही दिया गया
इतना ही नहीं बीएसएनएल के infrastructure का जियो पूरी तरह से लाभ उठा पाए इसलिए रिलायंस जिओ इंफोकॉम लिमिटेड के साथ बीएसएनएल का मास्टर शेयरिंग समझौता करवाया और इन टावर्स को एक अलग कम्पनी बना कर उसे बीएसएनएल से अलग कर दिया गया ताकि रिलायंस जिओ बीएसएनएल के देशभर में मौजूद 62,000 टॉवर्स का उपयोग कर सके
दरअसल मोबाइल टॉवर किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर के लिए सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति होते हैं इस कदम का परिणाम यह हुआ कि अब बीएसएनएल को भी इन टावर की सर्विसेज यूज करने का किराया लगने लगा, और बीएसएनएल अपने ही टॉवरों की किराएदार बन गयी
अब चुन चुन कर उन्ही टावरों को बेचा जा रहा है जिनके पास रिलायंस जियो और एयरटेल जैसे थर्ड पार्टी के दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ को-लोकेशन की व्यवस्था है.
साफ़ दिख रहा है कि अम्बानी अडानी जैसे निजी उद्योगपति औने पौने दाम में यह टॉवर खरीदेगे और इसके नाम पर डेटा महंगा किया जायेगा……. ✍️ Girish Malviya Sir
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Aug 26:
Day 3 of my fast, day 912 of our chain.
बाजा़र में एक चिड़ीमार तीतर बेच रहा था…
उसके पास एक बडी जालीदार टोकरी में बहुत सारे तीतर थे..!
और एक छोटी जालीदार टोकरी में सिर्फ एक ही तीतर था..!
एक ग्राहक ने पूछा एक तीतर कितने का है..?
40 रूपये का..!”
ग्राहक ने छोटी टोकरी के तीतर की कीमत पूछी। तो वह बोला *”मैं इसे बेचना ही नहीं चाहता..!”
लेकिन आप जिद करोगे, तो इसकी कीमत 1000 रूपये होगी..!”
*ग्राहक ने आश्चर्य से पूछा, इसकी कीमत इतनी ज़्यादा क्यों है..?”
“दरअसल यह मेरा अपना पालतू तीतर है और यह दूसरे तीतरों को जाल में फंसाने का काम करता है..!”
“जब ये चीख पुकार कर दूसरे तीतरों को बुलाता है और दूसरे तीतर बिना सोचे समझे ही एक जगह जमा हो जाते हैं फिर मैं आसानी से सभी का शिकार कर लेता हूँ..!”
बाद में, मैं इस तीतर को उसकी मनपसंद की ‘खुराक” दे देता हूँ जिससे ये खुश हो जाता है..!
“बस इसीलिए इसकी कीमत भी ज्यादा है..!”
उस समझदार आदमी ने तीतर वाले को 1000 रूपये देकर उस तीतर की सरे आम बाजार में गर्दन मरोड़ दी..!
उसने पूछा “अरे, ज़नाब आपने ऐसा क्यों किया..?
*उसका जवाब था, “ऐसे दगाबाज को जिन्दा रहने का कोई हक़ नहीं है जो अपने हित के लिए अपने ही समाज को फंसाने का काम करे और अपने लोगो को धोखा दे..!”
*हमारे देश में भी ऐसे 1000 रू की क़ीमत वाले बहुत सारे #गुलाम तीतर हैं। Copied from the Wall of Prabha Sharma Didi
I am fasting to sharpen my awareness of the plight of young unemployed men and women. On top of the hopelessness of hunger, child labour, and illiteracy, we are seeing widening inequality, and the normalization of begging by children, child trafficking, etc.
Today, a post on the BJP making a campaign promise in 2018 to legitimize child marriages in Rajasthan caught my eye. Having read the Manusmriti all weekend, this looked like a no-brainer to me. Of course, you’d make promises like that to Rajasthan, the only state in the country to have a statue of Manu in front of their High Court. Because the Manusmriti clearly says:
Ch 9, verse 94. A man, aged thirty years, shall marry a maiden of twelve who pleases him, or a man of twenty-four a girl eight years of age; if (the performance of) his duties would (otherwise) be impeded, (he must marry) sooner.
We’d be remiss not to vote for the BJP in large numbers if we don’t want to miss our ticket to 3 AD. A golden age when every single person lived to pamper, protect and preserve the Brahmins, and women were considered property and equated with chattel.